उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने मुंबई में आईसीएआर के शताब्दी स्तम्भ का उद्घाटन किया
“भारत के उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने हाल ही में मुंबई में भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) के शताब्दी स्तम्भ का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने देश में कृषि अनुसंधान और विकास के महत्व को रेखांकित किया।”
आईसीएआर की शताब्दी और उसकी उपलब्धियाँ
आईसीएआर, जिसे भारतीय कृषि में नवाचारों और अनुसंधान के लिए जाना जाता है, ने 100 वर्षों की अपनी यात्रा पूरी की है। इस दौरान, परिषद ने किसानों की उपज बढ़ाने, नई कृषि तकनीकों के विकास, और खाद्य सुरक्षा को सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। शताब्दी स्तंभ इसी उपलब्धियों का प्रतीक है।
उद्घाटन समारोह की झलक
समारोह के दौरान उपराष्ट्रपति ने कहा कि कृषि क्षेत्र भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और इसे सशक्त करने के लिए अनुसंधान और नवाचार अनिवार्य हैं। उन्होंने आईसीएआर की टीम को उनके योगदान के लिए सराहा और वैज्ञानिकों को किसानों की आवश्यकताओं पर ध्यान केंद्रित करने की सलाह दी।
कृषि क्षेत्र में अनुसंधान का महत्व
उपराष्ट्रपति ने जोर देकर कहा कि बदलते मौसम और वैश्विक चुनौतियों को देखते हुए भारतीय कृषि को सुदृढ़ और टिकाऊ बनाना जरूरी है। उन्होंने उन्नत बीज, नई फसल तकनीक, और डिजिटल तकनीकों के उपयोग को बढ़ावा देने पर भी बल दिया।
किसानों और युवा वैज्ञानिकों को संदेश
जगदीप धनखड़ ने किसानों से नई तकनीकों को अपनाने और अपनी फसलों की उत्पादकता बढ़ाने का आह्वान किया। साथ ही, उन्होंने युवा वैज्ञानिकों से अपील की कि वे अपनी ऊर्जा और कौशल को कृषि क्षेत्र में सुधार के लिए समर्पित करें।
