अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में शहरी बेरोजगारी दर घटी, श्रम बल भागीदारी दर में सुधार
“नई दिल्ली: देश में शहरी बेरोजगारी दर में कमी देखने को मिली है। अक्टूबर-दिसंबर 2024 तिमाही में 15 वर्ष और उससे अधिक आयु के लोगों के लिए बेरोजगारी दर 6.4% दर्ज की गई, जो पिछले वित्त वर्ष की उसी अवधि में 6.5% थी।”
शहरी क्षेत्रों में श्रम भागीदारी दर बढ़ी
सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय की रिपोर्ट के अनुसार, शहरी क्षेत्रों में श्रम बल भागीदारी दर (LFPR) में भी वृद्धि हुई है। यह दर अक्टूबर-दिसंबर 2024 तिमाही में 50.4% दर्ज की गई, जबकि 2023 की समान तिमाही में यह 49.9% थी।
रिपोर्ट के मुख्य बिंदु:
- बेरोजगारी दर में गिरावट यह दर्शाती है कि शहरी क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ रहे हैं।
- श्रम बल भागीदारी दर (LFPR) बढ़ने का मतलब है कि ज्यादा लोग अब श्रम बाजार में सक्रिय रूप से भाग ले रहे हैं।
- यह सुधार अर्थव्यवस्था में आई स्थिरता और विभिन्न सेक्टर्स में रोजगार के नए अवसर बढ़ने का संकेत देता है।
रोजगार बाजार में सकारात्मक बदलाव
विशेषज्ञों का मानना है कि आत्मनिर्भर भारत अभियान, स्टार्टअप इंडिया और मेक इन इंडिया जैसी योजनाओं ने रोजगार सृजन में योगदान दिया है। इसके अलावा, आईटी, मैन्युफैक्चरिंग, और सेवा क्षेत्र में भी नौकरियों की मांग में सुधार हुआ है।
आगे की संभावनाएं
अगर सरकार इसी तरह नई नौकरियों के अवसर बढ़ाने और कौशल विकास कार्यक्रमों को मजबूत करने पर ध्यान देती है, तो अगले कुछ तिमाहियों में बेरोजगारी दर में और कमी देखी जा सकती है।