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हरियाणा के फरीदाबाद में 38वें सूरजकुंड अंतर्राष्ट्रीय शिल्प मेले का आयोजन, अगले महीने से शुरू होगी रौनक

“हरियाणा के फरीदाबाद में अगले महीने से 38वें सूरजकुंड अंतर्राष्ट्रीय शिल्प मेले का भव्य आयोजन होने जा रहा है। यह मेला हर साल फरवरी में आयोजित होता है और दुनिया भर के शिल्पकारों, कलाकारों, और सांस्कृतिक प्रदर्शनकारियों को एक मंच प्रदान करता है।”

इस मेले का आयोजन हरियाणा पर्यटन विभाग द्वारा किया जाता है और यह मेले की अंतरराष्ट्रीय पहचान के कारण पर्यटकों के बीच खासा लोकप्रिय है। इस बार भी मेला विभिन्न कलाओं, हस्तशिल्पों, और सांस्कृतिक कार्यक्रमों से गुलजार रहेगा।


सूरजकुंड अंतर्राष्ट्रीय शिल्प मेला: एक नजर में

सूरजकुंड शिल्प मेला की शुरुआत 1987 में हुई थी। यह मेला भारतीय संस्कृति, हस्तशिल्प, और पारंपरिक कलाओं को प्रोत्साहन देने के लिए आयोजित किया जाता है।

इस मेले में:

  • देश-विदेश के शिल्पकार अपनी कला का प्रदर्शन करते हैं।
  • सांस्कृतिक कार्यक्रम और लोक नृत्य होते हैं।
  • विभिन्न व्यंजनों के स्टॉल लगाए जाते हैं।

इस बार की खासियत:

38वें सूरजकुंड मेले की इस बार की थीम “आधुनिकता और परंपरा का संगम” होगी।

  • मेले में 1000 से अधिक शिल्पकार अपनी कला का प्रदर्शन करेंगे।
  • विभिन्न देशों के सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए जाएंगे।
  • लोक कला, लोक संगीत, और नृत्य का विशेष आयोजन होगा।

प्रमुख आकर्षण:

  1. हस्तशिल्प और हथकरघा वस्त्र:
    मेले में विभिन्न राज्यों के हस्तशिल्प और हथकरघा वस्त्र प्रदर्शित किए जाएंगे।
  2. खास व्यंजन:
    मेले में विभिन्न राज्यों और देशों के पारंपरिक व्यंजनों के स्टॉल भी आकर्षण का केंद्र होंगे।
  3. सांस्कृतिक कार्यक्रम:
    हर शाम सांस्कृतिक कार्यक्रम, जिसमें लोक नृत्य और संगीत शामिल हैं, मेले की शोभा बढ़ाएंगे।

विदेशी शिल्पकारों की भागीदारी

सूरजकुंड मेले की खासियत यह है कि इसमें विदेशी शिल्पकार भी भाग लेते हैं।

  • इस बार 40 से अधिक देशों के शिल्पकार अपनी कला का प्रदर्शन करेंगे।
  • इसमें अफ्रीका, एशिया, यूरोप, और दक्षिण अमेरिका के देश शामिल हैं।

पर्यटकों के लिए खास सुविधाएं

हरियाणा सरकार ने पर्यटकों के लिए विशेष सुविधाओं और सुरक्षा व्यवस्था का ध्यान रखा है।

  • मेले में ऑनलाइन टिकट बुकिंग की सुविधा।
  • पर्यटक गाइड और हेल्प डेस्क।
  • खाने-पीने के स्टॉल।
  • सुरक्षा के कड़े इंतजाम।

मेले के उद्देश्यों में क्या है खास?

  1. शिल्पकारों को मंच प्रदान करना।
  2. भारतीय संस्कृति का प्रचार-प्रसार।
  3. विदेशी पर्यटकों को आकर्षित करना।
  4. ग्रामीण और पारंपरिक कारीगरों को रोजगार के अवसर।

पर्यटकों के लिए जानकारी:

  • स्थान: सूरजकुंड, फरीदाबाद, हरियाणा
  • तारीख: 1 फरवरी 2025 से 15 फरवरी 2025 तक
  • समय: सुबह 10 बजे से रात 8 बजे तक

भविष्य के लिए योजनाएं

हरियाणा सरकार ने इस मेले को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और अधिक पहचान दिलाने की योजना बनाई है।

  • विदेशी शिल्पकारों की भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है।
  • मेले को डिजिटल रूप से भी प्रचारित किया जाएगा।
  • स्थानीय कारीगरों को प्रोत्साहन दिया जाएगा।
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