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राष्ट्रपति भवन में CSR योगदानकर्ताओं और पूर्व छात्रों का स्वागत

“नई दिल्ली: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से आज राष्ट्रपति भवन में पूर्व छात्रों, प्रख्यात हस्तियों और कॉर्पोरेट सामाजिक जिम्मेदारी (CSR) में योगदान देने वाले गणमान्य व्यक्तियों ने मुलाकात की। इस अवसर पर राष्ट्रपति ने शिक्षा और सामाजिक समावेश की महत्ता पर जोर दिया और कहा कि राष्ट्र की असली संपत्ति उसके नागरिकों में निहित है।”

राष्ट्र निर्माण में शिक्षा और समावेश की भूमिका

राष्ट्रपति मुर्मु ने कहा कि शिक्षा केवल उत्कृष्टता तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि इसमें सामाजिक समावेश और संवेदनशीलता भी शामिल होनी चाहिए। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि एक विकसित और समावेशी समाज के लिए शिक्षा प्रणाली को सभी वर्गों तक पहुंचाना आवश्यक है।

युवा पीढ़ी के लिए रोल मॉडल

राष्ट्रपति ने इस अवसर पर मुलाकात करने वाले समूह की सराहना की और उन्हें युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणादायक रोल मॉडल बताया। उन्होंने कहा कि ये लोग समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए अग्रणी भूमिका निभा सकते हैं और दूसरों को प्रेरित कर सकते हैं।

CSR का बढ़ता प्रभाव

राष्ट्रपति मुर्मु ने कॉर्पोरेट सामाजिक जिम्मेदारी (CSR) के महत्व को रेखांकित किया और कहा कि कंपनियों और संगठनों का यह उत्तरदायित्व है कि वे समाज के विकास में योगदान दें। उन्होंने CSR के अंतर्गत शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यावरण संरक्षण और समाज कल्याण जैसे क्षेत्रों में निवेश बढ़ाने की अपील की।

समावेशी विकास की ओर एक कदम

राष्ट्रपति भवन में हुई यह मुलाकात समावेशी और सतत विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल थी। राष्ट्रपति मुर्मु ने कहा कि जब समाज के हर वर्ग को समान अवसर मिलेंगे, तभी वास्तविक प्रगति संभव होगी।

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