महिलाओं के लिए बड़ी राहत: पुनर्विवाह के बाद भी मिलेगी पारिवारिक पेंशन
“कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने घोषणा की कि निःसंतान विधवा को पारिवारिक पेंशन अब पुनर्विवाह के बाद भी जारी रहेगी, बशर्ते कि अन्य स्रोतों से उनकी आय न्यूनतम पारिवारिक पेंशन से कम हो। यह घोषणा नई दिल्ली में स्वैच्छिक एजेंसियों की स्थायी समिति की 34वीं बैठक में की गई।”
महिलाओं के लिए नए पेंशन सुधार
- तलाकशुदा या अलग हुई बेटियों को मिलेगी पारिवारिक पेंशन – अब बेटियों को पारिवारिक पेंशन के लिए तलाक के मुकदमे के अंतिम फैसले की आवश्यकता नहीं होगी।
- महिला पेंशनभोगियों के अधिकार बढ़े – यदि किसी महिला पेंशनभोगी का अपने पति से विवाद चल रहा है, तो वह अपने बच्चों को पारिवारिक पेंशन के लिए नामांकित कर सकती है।
- डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र – अब चेहरा प्रमाणीकरण तकनीक के साथ जीवन प्रमाण पत्र जमा करने की सुविधा, जिससे वरिष्ठ नागरिकों को सहूलियत मिलेगी।
डिजिटल सुधार से पेंशनभोगियों को राहत
सरकार पेंशन प्रक्रियाओं को सरल बनाने और प्रौद्योगिकी-आधारित समाधानों को लागू करने पर काम कर रही है। नवंबर 2024 में एक राष्ट्रव्यापी अभियान के तहत 1.5 करोड़ डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र बनाए गए, जिनमें से 8 लाख वरिष्ठ नागरिकों (80 वर्ष और उससे अधिक आयु) द्वारा जमा किए गए।
सरकार के ये सुधार पेंशनभोगियों की ज़िंदगी को आसान बनाएंगे और पारिवारिक पेंशन को अधिक सुलभ बनाएंगे।