2047 तक विकसित भारत के निर्माण में युवाओं की भागीदारी जरूरी: उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़
“नई दिल्ली: उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने भारत के युवाओं का आह्वान करते हुए कहा कि 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए उनकी सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। उन्होंने युवाओं को देश की प्रगति का अग्रदूत बताते हुए कहा कि भारत के विकास का भविष्य उनकी ऊर्जा, नवाचार और कड़ी मेहनत पर निर्भर करता है।”
2047 का दृष्टिकोण: विकसित भारत
उपराष्ट्रपति ने कहा कि भारत स्वतंत्रता के 100 वर्ष पूरे होने तक विश्व में एक विकसित राष्ट्र बनने के लक्ष्य की दिशा में तेजी से बढ़ रहा है। उन्होंने युवाओं को इस मिशन का सहभागी बनने की प्रेरणा देते हुए कहा कि वे न केवल अपने कौशल को बढ़ाएं बल्कि अपने योगदान से देश को नई ऊंचाइयों पर ले जाएं।
उन्होंने कहा:“भारत के युवा आज विश्व मंच पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रहे हैं। हमें मिलकर यह सुनिश्चित करना है कि 2047 तक हमारा देश वैश्विक महाशक्ति और आत्मनिर्भर राष्ट्र बने।”
युवाओं की भूमिका
उपराष्ट्रपति ने कहा कि देश की जनसांख्यिकीय लाभ को अवसर में बदलने की जिम्मेदारी युवाओं पर है। उन्होंने शिक्षा, विज्ञान, प्रौद्योगिकी, और नवाचार के क्षेत्रों में युवाओं के योगदान पर जोर दिया।
मुख्य बिंदु:
- तकनीकी नवाचार: विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में भारतीय युवाओं की भूमिका दुनिया को नई दिशा देने वाली है।
- स्टार्टअप और उद्यमिता: युवाओं को स्टार्टअप इंडिया और मेक इन इंडिया जैसे अभियानों में योगदान देना चाहिए।
- सामाजिक जिम्मेदारी: राष्ट्र निर्माण में भागीदारी के साथ-साथ युवाओं को सामाजिक सुधारों में भी आगे आना होगा।
चुनौतियों का सामना और अवसरों का लाभ
जगदीप धनखड़ ने कहा कि युवा वर्ग को आज चुनौतियों को स्वीकार कर उन्हें अवसरों में बदलना होगा। उन्होंने कहा कि डिजिटल क्रांति, हरित ऊर्जा, और आर्थिक सुधारों में युवाओं की भागीदारी से भारत तेजी से विकसित राष्ट्र बनेगा।
सरकार की पहल और समर्थन
उपराष्ट्रपति ने बताया कि सरकार युवाओं के कौशल विकास, रोजगार सृजन और शिक्षा के लिए कई कार्यक्रम चला रही है। उन्होंने राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP), स्टार्टअप इंडिया और डिजिटल इंडिया जैसे अभियानों का जिक्र किया, जो युवाओं को सशक्त बनाने के लिए लागू किए गए हैं।