एनआईए ने पीएफआई के आतंकी फंडिंग मामले में मुख्य आरोपी को किया गिरफ्तार
“राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) ने आतंकी संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) से जुड़े आतंकी फंडिंग मॉड्यूल के मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। एनआईए की यह कार्रवाई आतंकी फंडिंग और देशविरोधी गतिविधियों को रोकने के लिए एक बड़ी सफलता मानी जा रही है।”
यह गिरफ्तारी एनआईए की उस जांच का हिस्सा है, जिसमें पीएफआई पर आतंकी संगठनों को फंडिंग देने का आरोप लगाया गया है।
गिरफ्तारी कहां हुई?
एनआईए ने इस मुख्य आरोपी को एक विशेष ऑपरेशन के तहत गिरफ्तार किया। आरोपी पर देश के कई हिस्सों में आतंकी गतिविधियों के लिए फंड जुटाने का आरोप है। इसके अलावा, आरोपी ने कथित तौर पर विदेशी स्रोतों से धन प्राप्त कर उसे भारत में आतंकी संगठनों को पहुंचाने का काम किया।
क्या है पीएफआई का आतंकी फंडिंग मॉड्यूल?
एनआईए की जांच के अनुसार, पीएफआई (पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया) एक ऐसा नेटवर्क चला रहा था, जो आतंकी संगठनों को फंडिंग करता था। इस मॉड्यूल के जरिए:
- विदेशों से धन जुटाना।
- अवैध गतिविधियों के लिए फंड का इस्तेमाल।
- युवाओं को कट्टरपंथी बनाने और आतंकी संगठनों में भर्ती करने।
एनआईए ने खुलासा किया है कि पीएफआई का यह नेटवर्क देश की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बन सकता था।
एनआईए की जांच में क्या हुआ खुलासा?
एनआईए की जांच में कई आतंकी मॉड्यूल का खुलासा हुआ है। इसमें पता चला कि पीएफआई के सदस्य आतंकी संगठनों को धन और संसाधन उपलब्ध करा रहे थे। इसके लिए कई फर्जी कंपनियों और खातों का भी इस्तेमाल किया गया।
एनआईए ने बताया कि आरोपी ने फर्जी दस्तावेजों और खातों के जरिए पैसे की हेराफेरी की और उसे आतंकी संगठनों तक पहुंचाया।
सरकार का सख्त रुख
भारत सरकार ने पहले ही पीएफआई को एक प्रतिबंधित संगठन घोषित कर दिया है। सरकार का कहना है कि पीएफआई की गतिविधियां देश की एकता और अखंडता के लिए खतरा हैं।
“हम किसी भी आतंकी फंडिंग गतिविधि को बर्दाश्त नहीं करेंगे। एनआईए ने इस मामले में कड़ी कार्रवाई की है।” – एनआईए अधिकारी
एनआईए की कार्रवाई जारी
एनआईए का कहना है कि वह पीएफआई के नेटवर्क को पूरी तरह से खत्म करने के लिए देशभर में छापेमारी और गिरफ्तारी कर रही है। जांच एजेंसी का लक्ष्य उन सभी लोगों को गिरफ्तार करना है, जो इस नेटवर्क से जुड़े हैं।
भविष्य में और गिरफ्तारियां संभव
एनआईए के अधिकारियों का कहना है कि इस मामले में और भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं। जांच एजेंसी इस बात का भी पता लगा रही है कि पीएफआई के पास और कौन-कौन से आर्थिक स्रोत हैं और उनका उपयोग कैसे किया जा रहा है।