नासा के पूर्व अंतरिक्ष यात्री माइक मासिमिनो ने चंद्रयान-3 की ऐतिहासिक सफलता की सराहना की
“नासा के पूर्व अंतरिक्ष यात्री माइक मासिमिनो ने भारत के चंद्रयान-3 मिशन की प्रशंसा की, जिसने चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर सफलतापूर्वक लैंडिंग कर एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की। उन्होंने इसरो (ISRO) की इस सफलता को वैश्विक अंतरिक्ष अनुसंधान के लिए एक महत्वपूर्ण कदम बताया।”
माइक मासिमिनो का बयान:
“भारत का चंद्रयान-3 मिशन एक अद्भुत उपलब्धि है। चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर सॉफ्ट लैंडिंग करना एक जटिल प्रक्रिया है, जिसे इसरो ने पूरी कुशलता से पूरा किया। यह मिशन न केवल भारत के लिए, बल्कि पूरे अंतरिक्ष विज्ञान जगत के लिए एक प्रेरणा है।”
चंद्रयान-3 की ऐतिहासिक उपलब्धि:
- चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर सफल लैंडिंग करने वाला पहला देश बना भारत।
- इसरो की यह सफलता अंतरिक्ष में भारत की बढ़ती क्षमता को दर्शाती है।
- मिशन ने चंद्रमा की सतह पर महत्वपूर्ण वैज्ञानिक डेटा और खोजें कीं।
चंद्रयान-3 मिशन की मुख्य विशेषताएँ:
- लैंडर ‘विक्रम’ और रोवर ‘प्रज्ञान’ की सफल तैनाती।
- चंद्रमा के सतह पर पानी के अणुओं की खोज में अहम योगदान।
- चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर संभावित मानव मिशन के लिए नई संभावनाएँ खोलीं।
भारत की अंतरिक्ष सफलता पर वैश्विक प्रतिक्रिया:
नासा, यूरोपीय स्पेस एजेंसी (ESA) और अन्य वैश्विक अंतरिक्ष एजेंसियों ने भी इसरो की इस उपलब्धि की सराहना की।
भारत अब अंतरिक्ष अनुसंधान में अग्रणी देशों की सूची में और मजबूत हो गया है।