महाकुंभ 2025: प्रयागराज में 3 लाख करोड़ रुपये से अधिक के व्यापार की उम्मीद
“प्रयागराज: भारत में महाकुंभ 2025 का आयोजन प्रयागराज में जनवरी से फरवरी के बीच किया जा रहा है। यह दुनिया का सबसे बड़ा धार्मिक आयोजन माना जाता है, जिसमें देश-विदेश से करोड़ों श्रद्धालु संगम में आस्था की डुबकी लगाने आते हैं। इस बार महाकुंभ से 3 लाख करोड़ रुपये से अधिक के व्यापार की उम्मीद जताई जा रही है।”
महाकुंभ से आर्थिक लाभ:
महाकुंभ के दौरान प्रयागराज और आसपास के क्षेत्रों में पर्यटन, होटल उद्योग, परिवहन, खान-पान, धार्मिक वस्त्र और पूजा सामग्री से जुड़े व्यापारियों को भारी मुनाफा होने की संभावना है।
प्रमुख व्यापारिक क्षेत्रों को होगा लाभ:
- पर्यटन और होटल उद्योग:
- लाखों श्रद्धालुओं के प्रयागराज आने से होटलों, धर्मशालाओं और टेंट सिटी को बड़ा लाभ होगा।
- इस दौरान होटल बुकिंग और किराए में भारी बढ़ोतरी देखी जाती है।
- परिवहन और ट्रैवल एजेंसियां:
- रेलवे, बस सेवा, टैक्सी और फ्लाइट्स की मांग बढ़ने से परिवहन उद्योग में उछाल देखने को मिलेगा।
- विशेष ट्रेनें और बसें श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए चलाई जा रही हैं।
- खान-पान और स्ट्रीट फूड सेक्टर:
- स्थानीय रेस्तरां, ढाबे और फूड स्टॉल्स को भी इस आयोजन से बड़ा लाभ मिलेगा।
- तीर्थयात्रियों के लिए विशेष शुद्ध और सात्विक भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है।
- धार्मिक और हस्तशिल्प बाजार:
- पूजा सामग्री, गंगाजल, रुद्राक्ष, तीर्थ यात्रा के प्रतीकात्मक वस्त्रों और धार्मिक ग्रंथों की मांग महाकुंभ के दौरान कई गुना बढ़ जाती है।
- स्थानीय कारीगरों द्वारा बनाए गए हस्तशिल्प उत्पाद भी श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं।
सरकार और प्रशासन की तैयारियां:
उत्तर प्रदेश सरकार ने महाकुंभ के सुचारू संचालन के लिए व्यापक योजनाएं बनाई हैं। इसके तहत:
- यातायात और परिवहन सुविधाओं का विस्तार किया गया है।
- सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया गया है।
- घाटों और स्नान स्थलों की साफ-सफाई और व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया गया है।
श्रद्धालुओं के लिए विशेष इंतजाम:
- संगम क्षेत्र में विशाल टेंट सिटी का निर्माण किया गया है।
- नदी में जलस्तर बनाए रखने और स्नान स्थलों की सुरक्षा के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं।
- डिजिटल पेमेंट और कैशलेस ट्रांजेक्शन को बढ़ावा दिया जा रहा है, जिससे व्यापार को आधुनिक तकनीक से जोड़ा जा सके।
महाकुंभ 2025 से उम्मीदें:
इस बार महाकुंभ 2025 में 40 से 50 करोड़ श्रद्धालुओं के आने की संभावना जताई गई है। ऐसे में यह आयोजन उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था में बड़ा योगदान देगा और लाखों लोगों को रोजगार के अवसर प्रदान करेगा।