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आईएनएस निर्देशक: भारतीय नौसेना में शामिल हुआ अत्याधुनिक हाइड्रोग्राफिक पोत

“नई दिल्ली: भारतीय नौसेना की क्षमताओं को और मजबूत करते हुए आईएनएस निर्देशक, एक अत्याधुनिक हाइड्रोग्राफिक पोत, को आधिकारिक रूप से नौसेना के बेड़े में शामिल कर लिया गया है। यह पोत नवीनतम तकनीक और आधुनिक उपकरणों से सुसज्जित है, जो समुद्री सर्वेक्षण और रणनीतिक अभियानों में नौसेना को बड़ी मजबूती प्रदान करेगा।”

आईएनएस निर्देशक की विशेषताएँ

आईएनएस निर्देशक को अत्याधुनिक हाइड्रोग्राफिक सर्वेक्षण और समुद्री मानचित्रण के लिए तैयार किया गया है। इसके मुख्य कार्य निम्नलिखित हैं:

  1. समुद्री सर्वेक्षण: यह पोत समुद्र की गहराइयों और जलधाराओं का सटीक मानचित्रण कर सकता है।
  2. नवीनतम तकनीक से लैस: इसमें अत्याधुनिक सोनार, मल्टीबीम इको साउंडर्स और डेटा प्रोसेसिंग सिस्टम लगाए गए हैं।
  3. तटीय सुरक्षा में मदद: यह पोत तटीय क्षेत्रों में निगरानी और सुरक्षा अभियानों में भी सहायक होगा।
  4. नेविगेशन चार्ट तैयार करना: पोत द्वारा तैयार किए गए नक्शे समुद्री जहाजों के नेविगेशन में उपयोगी होंगे।

समारोह में नौसेना प्रमुख का संबोधन

आईएनएस निर्देशक को नौसेना में शामिल किए जाने के अवसर पर आयोजित समारोह में नौसेना प्रमुख ने कहा,
“आईएनएस निर्देशक का नौसेना के बेड़े में शामिल होना हमारे समुद्री सर्वेक्षण और नेविगेशन क्षमताओं में एक नई क्रांति लाएगा। यह पोत हमारी तटीय सुरक्षा को मजबूत करेगा और भारतीय समुद्री सीमा की सुरक्षा सुनिश्चित करेगा।”

राष्ट्रीय सुरक्षा में योगदान

आईएनएस निर्देशक न केवल हाइड्रोग्राफिक सर्वेक्षण के कार्यों में सहयोग करेगा बल्कि यह राष्ट्रीय सुरक्षा और समुद्री रणनीति में भी एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

  • समुद्री सीमाओं पर गश्त और निगरानी के लिए यह पोत एक अतिरिक्त ताकत के रूप में कार्य करेगा।
  • भारतीय नौसेना के अभियानों में सटीक डेटा और उच्च तकनीक के साथ सहयोग करेगा।

स्वदेशी निर्माण की मिसाल

आईएनएस निर्देशक को स्वदेशी शिपयार्ड में निर्मित किया गया है, जो भारत की ‘आत्मनिर्भर भारत’ पहल की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस पोत का निर्माण भारतीय इंजीनियरों और वैज्ञानिकों द्वारा किया गया, जो देश की समुद्री तकनीकी क्षमताओं को दर्शाता है।

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