भारत ने धार्मिक स्वतंत्रता आयोग की रिपोर्ट पर दी सख्त प्रतिक्रिया
“भारत ने अमरीकी अंतर्राष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता आयोग (USCIRF) द्वारा जारी 2025 की वार्षिक रिपोर्ट पर सख्त प्रतिक्रिया व्यक्त की है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता, रणधीर जायसवाल ने आयोग की रिपोर्ट को पक्षपाती और राजनीति से प्रेरित आकलन करार दिया।”
रिपोर्ट में भारत में 2024 में अल्पसंख्यकों के खिलाफ हमलों के बढ़ने का दावा किया गया था, लेकिन भारत ने इसे पूरी तरह से नकारते हुए इसे गलत और भ्रामक बताया। श्री जायसवाल ने कहा कि इस तरह की रिपोर्टें भारत के बहुसांस्कृतिक समाज पर संदेह उत्पन्न करने के बजाय, एक निश्चित एजेंडे को बढ़ावा देने के उद्देश्य से तैयार की जाती हैं।
भारत का रुख: एकता और सहिष्णुता पर जोर
भारत का कहना है कि यह देश एक अरब 40 करोड़ लोगों का घर है, जो सभी धर्मों का आदर करते हैं। भारतीय समाज अपनी विविधता और सहिष्णुता के लिए प्रसिद्ध है, और ऐसे आरोपों से उसकी छवि पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
रणधीर जायसवाल ने आगे कहा कि लोकतंत्र और सहिष्णुता के प्रतीक के रूप में भारत को बदनाम करने के ऐसे प्रयास सफल नहीं होंगे।
अंतर्राष्ट्रीय संदर्भ में भारत की स्थिति
भारत ने हमेशा धार्मिक स्वतंत्रता और मानवाधिकारों का सम्मान किया है और यह सुनिश्चित करने के लिए कार्य करता है कि सभी समुदायों को समान अधिकार मिलें।