भारत-मॉरीशस संबंध: रणनीतिक साझेदारी और विकास में सहयोग बढ़ा
“प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मॉरीशस के प्रधानमंत्री नवीनचंद्र रामगुलाम के बीच हुई उच्चस्तरीय वार्ता में दोनों देशों ने आपसी संबंधों को रणनीतिक साझेदारी तक बढ़ाने और समुद्री सुरक्षा, वित्तीय अपराध रोकथाम, तथा स्थानीय मुद्राओं में व्यापार को प्रोत्साहित करने के लिए आठ महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर किए।”
इस बैठक के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने ग्लोबल साउथ के लिए भारत की नई नीति “महासागर” (क्षेत्रों में सुरक्षा और विकास के लिए पारस्परिक और समग्र उन्नति) की घोषणा की, जो भारत और हिंद महासागर क्षेत्र के देशों के सहयोग को मजबूत करेगी।
भारत और मॉरीशस के बीच हुए प्रमुख समझौते:
- समुद्री सुरक्षा में सहयोग – दोनों देशों की रक्षा साझेदारी को मजबूती मिलेगी।
- स्थानीय मुद्राओं में व्यापार को प्रोत्साहन – भारतीय रुपया और मॉरीशस रुपया के बीच व्यापार को बढ़ावा।
- वित्तीय अपराध की रोकथाम – साइबर क्राइम और मनी लॉन्ड्रिंग के खिलाफ सहयोग।
- सामुदायिक विकास परियोजनाएं – 20 नई विकास परियोजनाओं की शुरुआत।
- स्वास्थ्य केंद्रों का निर्माण – भारत की सहायता से एक नए क्षेत्रीय स्वास्थ्य केंद्र का उद्घाटन।
- नए संसद भवन का निर्माण – भारत मॉरीशस के नए संसद भवन के निर्माण में मदद करेगा।
- सार्वजनिक सेवा और नवाचार संस्थान – मॉरीशस में अटल बिहारी वाजपेयी इंस्टीट्यूट ऑफ पब्लिक सर्विस एंड इनोवेशन का उद्घाटन।
मॉरीशस में पीएम मोदी को मिला सर्वोच्च नागरिक सम्मान
चैंप डे मार्स में आयोजित मॉरीशस के राष्ट्रीय दिवस समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को “ग्रैंड कमांडर ऑफ द ऑर्डर ऑफ द स्टार एंड की ऑफ द इंडियन ओशन” पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
प्रधानमंत्री मोदी यह पुरस्कार प्राप्त करने वाले पहले भारतीय बने।
गंगा तालाब में पवित्र जल का विसर्जन
मॉरीशस यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने गंगा तालाब में पूजा-अर्चना की और प्रयागराज के त्रिवेणी संगम से लाए गए पवित्र जल का विसर्जन किया।
यात्रा का प्रभाव और भविष्य के अवसर
भारत और मॉरीशस के बीच बढ़ती रणनीतिक साझेदारी हिंद महासागर क्षेत्र में स्थिरता और आर्थिक विकास को बढ़ावा देगी। विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने इस यात्रा को “बहुत सार्थक, उत्पादक और फलदायक” बताया।
प्रधानमंत्री मोदी अपनी दो दिवसीय राजकीय यात्रा को सफलतापूर्वक संपन्न कर स्वदेश लौट चुके हैं।