भारत-यूरोप व्यापार सहयोग से निवेश और नवाचार को मिलेगा बढ़ावा
“नई दिल्ली में आयोजित भारत-यूरोप व्यापार आदान-प्रदान कार्यक्रम में वाणिज्य एवं उद्योग राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने कहा कि भारत पारदर्शी नीतियों, जीवंत लोकतंत्र और दीर्घकालिक सहयोग के कारण यूरोपीय संघ (EU) के अधिकांश देशों के लिए एक विश्वसनीय भागीदार है।”
उन्होंने इस कार्यक्रम को भारत और यूरोप के बीच व्यापारिक तालमेल को मजबूत करने का एक महत्वपूर्ण कदम बताया। इस साझेदारी से व्यापार, निवेश और सामरिक सहयोग के नए अवसर खुलेंगे, जिससे दोनों क्षेत्रों की अर्थव्यवस्थाओं को लाभ मिलेगा।
भारत-यूरोप सहयोग के प्रमुख पहलू
- आर्थिक लचीलापन और स्थिरता – 21वीं सदी के व्यापार ढांचे को समर्थन मिलेगा।
- डिजिटल परिवर्तन – दोनों पक्षों के बीच तकनीकी सहयोग को बढ़ावा।
- स्टार्टअप और नवाचार – भारत तीसरी सबसे बड़ी स्टार्टअप अर्थव्यवस्था, 150,000 स्टार्टअप और 100+ यूनिकॉर्न कंपनियों के साथ निवेश के नए अवसर प्रदान करता है।
- व्यापार और निवेश – यूरोपीय कंपनियों के लिए भारत में निवेश के अनुकूल माहौल।
- रणनीतिक साझेदारी – रक्षा, ऊर्जा और विनिर्माण में सहयोग की संभावनाएं।
भारत: स्टार्टअप और नवाचार की नई पहचान
श्री प्रसाद ने कहा कि भारत विश्व की तीसरी सबसे बड़ी स्टार्टअप अर्थव्यवस्था है। वर्तमान में 1.5 लाख से अधिक स्टार्टअप और 100 से अधिक यूनिकॉर्न कंपनियां भारतीय नवाचार और तकनीकी विकास को नया आयाम दे रही हैं। यह भारत-यूरोप व्यापार सहयोग के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करता है।
निष्कर्ष
भारत और यूरोप के बीच यह व्यापारिक आदान-प्रदान नए व्यापारिक अवसर, निवेश और नवाचार को गति देगा। पारदर्शी नीतियों और स्थिर अर्थव्यवस्था के कारण भारत वैश्विक व्यापार के लिए एक आकर्षक गंतव्य बन रहा है।