भारत और यूरोपीय संघ ने अंतरिक्ष अन्वेषण में भविष्य के सहयोग पर चर्चा की
“भारत के विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने नई दिल्ली में यूरोपीय संघ (EU) के उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल के साथ बैठक की। इस बैठक में अंतरिक्ष अन्वेषण में भारत और यूरोप के बीच भविष्य के सहयोग पर विस्तृत चर्चा की गई।”
बैठक के मुख्य बिंदु:
- भारत-यूरोपीय संघ के अंतरिक्ष सहयोग को मजबूत करने पर चर्चा।
- सैटेलाइट निर्माण, प्रक्षेपण और उपयोग में भारत की उपलब्धियों की सराहना।
- भारत और यूरोपीय संघ के बीच अंतरिक्ष अनुसंधान और नवाचार में संभावनाएँ।
प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व:
- यूरोपीय संघ के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व एंड्रियस कुबिलियस ने किया।
- बैठक में अंतरिक्ष विशेषज्ञ और नीति निर्माता शामिल थे।
डॉ. जितेंद्र सिंह का बयान:
“भारत और यूरोपीय संघ का अंतरिक्ष सहयोग दशकों पुराना है और यह समय के साथ और मजबूत हुआ है। भारत ने उपग्रह निर्माण, प्रक्षेपण और उनके अनुप्रयोगों में स्वतंत्र क्षमताएँ विकसित कर ली हैं।”
भारत की अंतरिक्ष क्षेत्र में प्रगति:
- उपग्रह निर्माण और प्रक्षेपण में आत्मनिर्भरता।
- नवीनतम उपग्रह तकनीकों का समाज के लाभ के लिए उपयोग।
- ISRO द्वारा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अंतरिक्ष अभियानों में सफलता।
भारत-ईयू अंतरिक्ष सहयोग के संभावित क्षेत्र:
- संयुक्त उपग्रह मिशन और अनुसंधान।
- अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी और दूरसंवेदी (remote sensing) में साझेदारी।
- ग्रीन एनर्जी और क्लाइमेट मॉनिटरिंग के लिए सैटेलाइट डेटा का उपयोग।
- अंतरिक्ष आधारित इंटरनेट और संचार सेवाओं का विस्तार।