जंगल की आग से जूझ रहे बोलिविया को भारत ने भेजी मानवीय सहायता
“भारत ने दक्षिण अमेरिकी देश बोलिविया में जंगल की आग से उत्पन्न संकट के बीच मानवीय सहायता भेजी है। यह सहायता संकटग्रस्त क्षेत्रों में आग बुझाने और प्रभावित समुदायों की मदद के लिए भेजी गई है। भारत ने यह कदम अपनी वैश्विक जिम्मेदारियों के तहत उठाया है, जो देश की “वसुधैव कुटुंबकम” की भावना को दर्शाता है।”
बोलिविया में जंगल की आग का संकट
बोलिविया के कई हिस्से इन दिनों भीषण जंगल की आग की चपेट में हैं।
- प्रभावित क्षेत्र: आग ने जंगलों, खेतों और कई गांवों को प्रभावित किया है।
- प्राकृतिक संसाधनों को नुकसान: आग के कारण लाखों हेक्टेयर वनक्षेत्र नष्ट हो चुके हैं।
- पर्यावरणीय प्रभाव: इस आग से पर्यावरण को गंभीर नुकसान हो रहा है और स्थानीय जैव विविधता को खतरा उत्पन्न हो गया है।
भारत की सहायता
भारत ने बोलिविया को आग से निपटने के लिए त्वरित सहायता प्रदान की है।
- सहायता सामग्री: अग्निशमन उपकरण, सुरक्षा गियर, चिकित्सा आपूर्ति और खाद्य सामग्री भेजी गई है।
- विशेष बचाव दल: भारत ने एक विशेषज्ञ टीम भी भेजी है, जो स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर आग बुझाने और राहत कार्यों में सहयोग करेगी।
- प्राथमिक चिकित्सा सहायता: प्रभावित लोगों को प्राथमिक चिकित्सा सहायता प्रदान करने के लिए चिकित्सा दल तैनात किया गया है।
भारत की वैश्विक जिम्मेदारी
भारत ने अंतरराष्ट्रीय मंचों पर हमेशा “मानवीय सहायता और आपदा राहत” (HADR) को प्राथमिकता दी है।
- हाल ही में भारत ने तुर्की, नेपाल और श्रीलंका में भी प्राकृतिक आपदाओं के दौरान सहायता प्रदान की थी।
- बोलिविया को दी गई सहायता इस बात का प्रमाण है कि भारत वैश्विक आपदा प्रबंधन में एक जिम्मेदार भागीदार के रूप में उभर रहा है।
विदेश मंत्रालय का बयान
भारतीय विदेश मंत्रालय ने कहा, “भारत हर संभव तरीके से बोलिविया के लोगों की मदद के लिए प्रतिबद्ध है। यह हमारी मानवता के प्रति जिम्मेदारी और वैश्विक समुदाय के लिए हमारे समर्थन को दर्शाता है।”
अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया
बोलिविया सरकार और वहां की जनता ने भारत की इस मानवीय सहायता का स्वागत किया है।
- बोलिविया के राष्ट्रपति का बयान: उन्होंने भारत को धन्यवाद देते हुए कहा कि यह सहायता संकट के समय में बहुत महत्वपूर्ण है।
- संयुक्त राष्ट्र और अन्य अंतरराष्ट्रीय संगठनों ने भी भारत के इस कदम की सराहना की है।