भारत ने म्यांमार सीमा पर 9 किलोमीटर से अधिक बाड़ लगाने का कार्य पूरा किया
“भारत ने म्यांमार के साथ अपनी सीमा पर 9 किलोमीटर से अधिक क्षेत्र में बाड़ लगाने का काम सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। यह कदम सीमा पर सुरक्षा को मजबूत करने और अवैध गतिविधियों को रोकने के उद्देश्य से उठाया गया है।”
बाड़ लगाने की आवश्यकता
भारत और म्यांमार के बीच लगभग 1,643 किलोमीटर लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा है।
- सुरक्षा कारण: सीमा के कुछ हिस्से घने जंगलों और कठिन भूभाग वाले क्षेत्रों से गुजरते हैं, जो अवैध गतिविधियों के लिए आसान रास्ता बनाते हैं।
- अवैध गतिविधियों की रोकथाम: ड्रग तस्करी, मानव तस्करी, और अन्य आपराधिक गतिविधियों को रोकने के लिए सीमा को सुरक्षित करना आवश्यक था।
- आतंकी गतिविधियों पर नजर: सीमा पार से होने वाली आतंकी गतिविधियों की निगरानी के लिए यह कदम महत्वपूर्ण है।
परियोजना का विवरण
- लंबाई: 9 किलोमीटर से अधिक क्षेत्र में बाड़ लगाई गई है।
- स्थान: मणिपुर और मिजोरम जैसे सीमावर्ती राज्यों के संवेदनशील क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया गया।
- तकनीक और संरचना: बाड़ को मजबूत स्टील और अन्य टिकाऊ सामग्रियों से बनाया गया है, जो आधुनिक सुरक्षा उपकरणों से लैस है।
सुरक्षा में सुधार
- सुरक्षा बलों की निगरानी में आसानी: बाड़ लगाने से सीमा पर सुरक्षा बलों के लिए निगरानी और गश्त करना आसान होगा।
- स्थानीय निवासियों की सुरक्षा: सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को अवैध गतिविधियों और घुसपैठ से राहत मिलेगी।
भारत सरकार का बयान
केंद्र सरकार ने इस परियोजना की सफलता को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, “यह कदम न केवल सुरक्षा को बढ़ावा देगा, बल्कि सीमा पार सहयोग को भी मजबूत करेगा।”
भविष्य की योजनाएं
- सीमा की पूर्ण सुरक्षा: पूरे भारत-म्यांमार सीमा पर चरणबद्ध तरीके से बाड़ लगाने की योजना है।
- सुरक्षा बलों का सशक्तिकरण: सीमा पर अधिक आधुनिक निगरानी उपकरण और सुरक्षा बलों की तैनाती।
- स्थानीय विकास: सीमावर्ती क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे और सुविधाओं को सुधारने की योजना।