HMPV वायरस का खतरा बढ़ा, चीन के बाद कर्नाटक में भी दो मामलों की पुष्टि
“चीन में तेजी से फैल रहे ह्यूमन मेटान्यूमो वायरस (HMPV) के मामले अब भारत में भी सामने आने लगे हैं। कर्नाटक में HMPV के दो मामलों की पुष्टि हुई है, जिससे स्वास्थ्य विभाग अलर्ट हो गया है। स्वास्थ्य अधिकारियों ने कहा कि दोनों मरीजों की हालत स्थिर है और उनका इलाज जारी है। इस वायरस के तेजी से फैलने की संभावना को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से सतर्क रहने और जरूरी सावधानियां बरतने की अपील की है।”
क्या है HMPV वायरस?
ह्यूमन मेटान्यूमो वायरस (HMPV) एक सांस से जुड़ा संक्रमण है, जो खासतौर पर बच्चों, बुजुर्गों और कमजोर इम्यूनिटी वाले लोगों को प्रभावित करता है। यह वायरस निमोनिया और ब्रोंकाइटिस जैसे गंभीर संक्रमणों का कारण बन सकता है।
HMPV के लक्षण सामान्य सर्दी-जुकाम जैसे होते हैं, लेकिन यह गंभीर रूप ले सकता है।
HMPV वायरस के मुख्य लक्षण:
- तेज बुखार
- खांसी और गले में खराश
- सांस लेने में कठिनाई
- थकान और कमजोरी
- निमोनिया के लक्षण
कर्नाटक में मामलों की पुष्टि कैसे हुई?
कर्नाटक के स्वास्थ्य विभाग ने कहा कि दोनों संक्रमित मरीजों के सैंपल की जांच के बाद HMPV वायरस की पुष्टि हुई है। अधिकारियों ने कहा कि राज्य में सांस से जुड़ी बीमारियों के मरीजों पर अब कड़ी नजर रखी जा रही है।
स्वास्थ्य विभाग ने यह भी कहा कि अस्पतालों में सावधानी बरतने के निर्देश जारी किए गए हैं और स्क्रीनिंग प्रक्रिया तेज कर दी गई है।
चीन में कैसे फैल रहा है HMPV वायरस?
चीन में HMPV के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस वायरस ने कई अस्पतालों में बच्चों और बुजुर्ग मरीजों को गंभीर रूप से प्रभावित किया है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह वायरस सांस से जुड़ी बीमारियों का कारण बनता है और इसे हल्के में लेना खतरनाक हो सकता है।
स्वास्थ्य विभाग की सलाह:
कर्नाटक के स्वास्थ्य विभाग ने HMPV के बढ़ते मामलों को देखते हुए लोगों से कुछ जरूरी सावधानियां बरतने की अपील की है:
- मास्क पहनें और भीड़भाड़ वाली जगहों से बचें।
- हाथों की नियमित सफाई करें।
- सर्दी-जुकाम के लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
- बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें।
- इम्यूनिटी को मजबूत बनाए रखने के लिए पोषणयुक्त आहार लें।
HMPV वायरस को लेकर सरकार की तैयारियां
स्वास्थ्य मंत्रालय ने HMPV वायरस के मामलों पर नजर रखने के निर्देश दिए हैं। सरकार ने हवाई अड्डों और अस्पतालों पर स्क्रीनिंग तेज कर दी है।
इसके अलावा, राज्यों को संक्रमित मरीजों की पहचान और उनके इलाज के लिए प्रोटोकॉल जारी किए गए हैं।
कितना खतरनाक है यह वायरस?
विशेषज्ञों के मुताबिक, HMPV वायरस से संक्रमित अधिकांश लोग हल्के लक्षणों के साथ ठीक हो जाते हैं। हालांकि, यह बुजुर्गों, बच्चों, और कमजोर इम्यूनिटी वाले लोगों के लिए खतरनाक साबित हो सकता है।
“HMPV वायरस से बचने के लिए सबसे जरूरी है समय पर लक्षणों की पहचान और उचित इलाज।” – स्वास्थ्य विशेषज्ञ