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फास्टैग नियमों में बदलाव से लेन-देन में कमी के दावों को एनएचएआई ने किया खारिज

“नई दिल्ली: भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने फास्टैग (FASTag) नियमों में बदलाव के कारण टोल लेन-देन में कमी आने के दावों को खारिज कर दिया है। एनएचएआई का कहना है कि नए नियमों से टोल भुगतान प्रणाली को अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनाया गया है, जिससे टोल प्लाजा पर जाम की समस्या कम होगी और वाहन चालकों को सुविधा मिलेगी।”

क्या हैं नए बदलाव?

हाल ही में फास्टैग के नियमों में कुछ संशोधन किए गए हैं, जिनका उद्देश्य डिजिटल भुगतान को सुरक्षित बनाना और टोल संग्रह प्रक्रिया को अधिक कुशल बनाना है। हालांकि, कुछ रिपोर्टों में दावा किया गया था कि इन बदलावों के कारण टोल लेन-देन में गिरावट आई है

भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण का बयान

भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण केअधिकारियों ने स्पष्ट किया कि फास्टैग प्रणाली पहले की तरह सुचारू रूप से काम कर रही है और टोल भुगतान में किसी भी प्रकार की गिरावट दर्ज नहीं की गई है

एनएचएआई द्वारा दी गई मुख्य जानकारी:

  1. नए नियमों से केवल डिजिटल भुगतान को सुरक्षित बनाया गया है।
  2. वाहन चालकों को टोल प्लाजा पर रुकने की समस्या से बचाने के लिए प्रक्रिया को बेहतर किया गया है।
  3. टोल लेन-देन में कमी के कोई विश्वसनीय आंकड़े नहीं मिले हैं।

फास्टैग उपयोगकर्ताओं को होने वाले लाभ

  • तेज और निर्बाध टोल भुगतान।
  • कैशलेस लेनदेन से समय की बचत।
  • फर्जी ट्रांजेक्शन और अतिरिक्त शुल्क से बचाव।
  • सड़क पर यातायात की सुगमता और लंबी कतारों से राहत।
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