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इलेक्ट्रिक वाहनों के प्रचलन को बढ़ावा देने पर जोर: वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल

“केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने देश में इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) के उपयोग को तेजी से बढ़ावा देने पर जोर दिया है। उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रिक वाहनों का व्यापक प्रचलन न केवल पर्यावरण के लिए फायदेमंद है, बल्कि इससे देश की ऊर्जा जरूरतों को भी संतुलित किया जा सकता है।”

इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग पर मंत्री का बयान

पीयूष गोयल ने कहा, “देश में इलेक्ट्रिक वाहनों का तेजी से अपनाना समय की मांग है। यह एक ऐसा क्षेत्र है, जो भारत को आत्मनिर्भर बनाने और हरित ऊर्जा की ओर बढ़ने में मदद कर सकता है। इलेक्ट्रिक वाहन न केवल पर्यावरण को सुरक्षित रखते हैं, बल्कि पेट्रोल और डीजल पर निर्भरता को भी कम करते हैं।”

सरकार की पहल

भारत सरकार इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए कई नीतियां और योजनाएं लागू कर रही है। इनमें प्रमुख हैं:

  1. फेम-II योजना (Faster Adoption and Manufacturing of Electric Vehicles)
    • इलेक्ट्रिक वाहनों की खरीद पर सब्सिडी प्रदान करना।
    • चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को विकसित करना।
  2. राष्ट्रीय ईवी नीति
    • इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए उद्योगों को प्रोत्साहन।
    • स्वदेशी ईवी निर्माण को बढ़ावा देना।
  3. चार्जिंग स्टेशन का विस्तार
    • देशभर में चार्जिंग स्टेशनों की संख्या बढ़ाई जा रही है।
    • सार्वजनिक स्थानों और हाईवे पर चार्जिंग नेटवर्क का विस्तार।

इलेक्ट्रिक वाहन उद्योग के लिए अवसर

इलेक्ट्रिक वाहन उद्योग भारत में तेजी से विकसित हो रहा है।

  • स्थानीय निर्माण: सरकार ने स्थानीय स्तर पर ईवी और बैटरियों के निर्माण को बढ़ावा देने के लिए कई प्रोत्साहन योजनाएं शुरू की हैं।
  • रोजगार के अवसर: ईवी उद्योग के विस्तार से हजारों नई नौकरियों के अवसर उत्पन्न हो रहे हैं।
  • नवाचार और स्टार्टअप्स: कई भारतीय स्टार्टअप्स इलेक्ट्रिक वाहनों और चार्जिंग तकनीकों में नवाचार कर रहे हैं।

पर्यावरणीय लाभ

पीयूष गोयल ने कहा कि इलेक्ट्रिक वाहनों के प्रचलन से देश को कई पर्यावरणीय लाभ होंगे:

  • कार्बन उत्सर्जन में कमी
  • शहरी क्षेत्रों में वायु प्रदूषण कम होगा
  • स्वच्छ ऊर्जा स्रोतों का उपयोग बढ़ेगा

उद्योग जगत की प्रतिक्रिया

इलेक्ट्रिक वाहन निर्माताओं और उद्योगपतियों ने सरकार के इस कदम का स्वागत किया है।

  • कई कंपनियां भारत में इलेक्ट्रिक वाहन निर्माण इकाइयां स्थापित कर रही हैं।
  • ऑटोमोबाइल सेक्टर में ईवी को लेकर सकारात्मक प्रतिसाद देखने को मिल रहा है।

आम जनता के लिए क्या बदलेगा?

  1. ईंधन खर्च में कमी: ईवी के उपयोग से पेट्रोल और डीजल पर निर्भरता कम होगी।
  2. रखरखाव का खर्च कम: इलेक्ट्रिक वाहनों का रखरखाव पारंपरिक वाहनों की तुलना में सस्ता है।
  3. पर्यावरण के प्रति जागरूकता: लोग अधिक पर्यावरण-अनुकूल विकल्प अपनाएंगे।
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