ई-श्रम पोर्टल पर पंजीकरण 30 करोड़ के पार, महिलाओं की भागीदारी बढ़ी
“सरकार ने लोकसभा में जानकारी दी कि ई-श्रम पोर्टल पर 30 करोड़ 68 लाख से अधिक असंगठित कामगारों का पंजीकरण हो चुका है। यह पोर्टल वर्ष 2021 में असंगठित क्षेत्र के कामगारों के लिए एक राष्ट्रीय डेटाबेस तैयार करने के उद्देश्य से शुरू किया गया था।”
महिलाओं की भागीदारी 53% से अधिक
श्रम और रोजगार राज्य मंत्री शोभा करंदलाजे ने बताया कि कुल पंजीकृत कामगारों में महिलाओं की संख्या 53% से अधिक है, जो यह दर्शाता है कि असंगठित क्षेत्र में महिलाओं की बड़ी भागीदारी है।
ई-श्रम पोर्टल से जुड़ी सरकारी योजनाएँ
अब तक विभिन्न 13 सरकारी योजनाओं को ई-श्रम पोर्टल से जोड़ा जा चुका है, जिनमें शामिल हैं:
- पीएम-स्वनिधि योजना – स्ट्रीट वेंडर्स के लिए वित्तीय सहायता।
- प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना – दुर्घटना बीमा कवर।
- प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना – जीवन बीमा सुरक्षा।
- प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण – ग्रामीण क्षेत्रों में आवास सुविधा।
- आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना – मुफ्त स्वास्थ्य सेवाएँ।
ई-श्रम पोर्टल क्यों है जरूरी?
- असंगठित क्षेत्र के कामगारों को सरकारी योजनाओं से जोड़ने का माध्यम।
- कामगारों के सामाजिक सुरक्षा लाभ सुनिश्चित करने में मदद।
- भविष्य में रोजगार योजनाओं और नीतियों को बेहतर बनाने का आधार।
ई-श्रम पोर्टल भारत में असंगठित क्षेत्र के कामगारों के लिए एक बड़ा कदम साबित हुआ है, जिससे वे सरकारी लाभ और योजनाओं से सीधे जुड़ पा रहे हैं।