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रक्षा मंत्रालय ने 2,867 करोड़ रुपये के दो प्रमुख अनुबंधों पर किए हस्ताक्षर

“भारत सरकार के रक्षा मंत्रालय ने देश की सुरक्षा को और मजबूत करने के उद्देश्य से 2,867 करोड़ रुपये के दो महत्वपूर्ण अनुबंधों पर हस्ताक्षर किए हैं। ये अनुबंध भारतीय सशस्त्र बलों की क्षमताओं को उन्नत करने और स्वदेशी रक्षा उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए किए गए हैं।”

अनुबंधों का विवरण

  1. स्वदेशी रक्षा उत्पादन का समर्थन:
    पहला अनुबंध रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) और एक निजी क्षेत्र की कंपनी के बीच हुआ है। इसके तहत स्वदेशी रूप से निर्मित हथियार प्रणाली और उपकरण भारतीय सेना के लिए उपलब्ध कराए जाएंगे। यह कदम आत्मनिर्भर भारत अभियान को गति देगा।
  2. नौसेना और वायुसेना के लिए उन्नत तकनीक:
    दूसरा अनुबंध भारतीय नौसेना और वायुसेना के लिए उन्नत तकनीकी उपकरणों और हथियार प्रणालियों की आपूर्ति के लिए किया गया है। यह समझौता भारतीय समुद्री और वायुक्षेत्र की सुरक्षा को और मजबूत करेगा।

रक्षा क्षेत्र में स्वदेशीकरण का प्रयास

रक्षा मंत्रालय ने इन अनुबंधों के जरिए स्वदेशी रक्षा उद्योग को बढ़ावा देने का लक्ष्य रखा है। यह कदम न केवल आत्मनिर्भर भारत अभियान को समर्थन देगा, बल्कि देश के रक्षा उत्पादन क्षेत्र में रोजगार और तकनीकी विकास को भी प्रोत्साहित करेगा।

मंत्री का बयान

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस अवसर पर कहा, “ये अनुबंध भारत की रक्षा क्षमताओं को उन्नत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हैं। यह हमारी सेना को अत्याधुनिक उपकरणों से लैस करने के साथ-साथ स्वदेशी उद्योगों को प्रोत्साहित करेगा।”

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