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भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूती की दिशा में प्रतिस्पर्धा कानून पर 10वां राष्ट्रीय सम्मेलन

“नई दिल्ली में प्रतिस्पर्धा कानून पर 10वां राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित किया गया, जिसमें कॉर्पोरेट मामलों के राज्य मंत्री हर्ष मल्होत्रा ने उद्घाटन सत्र को संबोधित किया। उन्होंने इस सम्मेलन को भारतीय अर्थव्यवस्था को और अधिक सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।”

भारतीय अर्थव्यवस्था की वैश्विक प्रगति

अपने संबोधन में मंत्री हर्ष मल्होत्रा ​​ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की अर्थव्यवस्था ने पिछले दस वर्षों में 11वें स्थान से 5वें स्थान तक का सफर तय किया है। उन्होंने विश्वास जताया कि अगले चार वर्षों में भारत विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगा।

सम्मेलन का उद्देश्य और महत्व

इस सम्मेलन में अर्थशास्त्रियों, शिक्षाविदों और नीति निर्माताओं ने भाग लिया, जहां प्रतिस्पर्धा कानून और भारतीय बाजार पर इसके प्रभावों पर चर्चा की गई।

भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (CCI) की अध्यक्ष रवनीत कौर ने बताया कि यह सम्मेलन हर साल आयोजित किया जाता है, जिसका उद्देश्य प्रतिस्पर्धा कानून के क्षेत्र में नवीनतम शोध को बढ़ावा देना है। यह नीति निर्माताओं, उद्योगों और विशेषज्ञों को एक मंच प्रदान करता है, जिससे भारतीय बाजार में प्रतिस्पर्धा को और अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाया जा सके।

प्रतिस्पर्धा कानून का भारतीय बाजार पर प्रभाव

  • स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा – यह कानून भारतीय बाजार में निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा को सुनिश्चित करता है।
  • उपभोक्ताओं के लिए लाभ – प्रतिस्पर्धा बढ़ने से उत्पादों की गुणवत्ता में सुधार होता है और कीमतें नियंत्रित रहती हैं।
  • नवाचार और निवेश को प्रोत्साहन – यह कानून उद्यमिता और नए निवेश को आकर्षित करने में सहायक साबित होता है।
  • वैश्विक प्रतिस्पर्धा में मजबूती – भारत को विश्व स्तर पर व्यापार और निवेश के लिए अधिक आकर्षक बनाता है।
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