महादेव ऐप घोटाले में सीबीआई की बड़ी कार्रवाई
“केंद्रीय अन्वेषण जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने आज छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के रायपुर और भिलाई स्थित आवासों पर छापेमारी की। यह छापेमारी महादेव ऐप घोटाले के संदर्भ में की गई, जो कि लगभग छह हजार करोड़ रुपये के अनुमानित नुकसान से जुड़ा हुआ है।”
सीबीआई की टीमों ने इस मामले में छत्तीसगढ़ पुलिस के चार अधिकारियों सहित सात पुलिस अधिकारियों के घरों पर भी छापेमारी की। इसके साथ ही, कुछ पूर्व आईएएस और भूपेश बघेल के करीबी सहयोगियों के घरों पर भी छापेमारी की गई। कुल मिलाकर, छत्तीसगढ़ के विभिन्न शहरों में करीब बीस स्थानों पर सीबीआई ने अपनी कार्रवाई की।
घोटाले की गंभीरता
महादेव ऐप एक व्यापक सट्टेबाजी सिंडिकेट का हिस्सा था, जो अवैध सट्टेबाजी वेबसाइटों के लिए नए उपयोगकर्ताओं को जोड़ने, यूजर आईडी बनाने और ‘बेनामी’ बैंक खातों के माध्यम से धन शोधन का काम करता था। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के अनुसार, इस घोटाले से छह हजार करोड़ रुपये तक की अवैध आय होने का अनुमान है।
इस मामले में पहले छत्तीसगढ़ पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने भूपेश बघेल, ऐप के प्रमोटर रवि उप्पल, सौरभ चंद्राकर, शुभम सोनी, अनिल कुमार अग्रवाल और 14 अन्य लोगों को नामजद किया था। बाद में सीबीआई ने इस मामले की जांच अपने हाथ में ले ली।
राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर जांच
इस घोटाले में छत्तीसगढ़ के कई शीर्ष राजनेताओं और नौकरशाहों के शामिल होने की संभावना जताई गई है। प्रवर्तन निदेशालय ने अपनी जांच में ऐसे संकेत दिए हैं कि इस सट्टेबाजी सिंडिकेट के जरिए कई प्रशासनिक और राजनीतिक अधिकारियों का भी गठजोड़ हो सकता है।
सीबीआई की यह कार्रवाई महादेव ऐप घोटाले के संबंध में राजनीतिक और प्रशासनिक भ्रष्टाचार की परतों को उजागर करने का एक प्रयास है।