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भाजपा ने केजरीवाल सरकार की पुजारियों और ग्रंथियों को मानदेय देने की घोषणा पर उठाए सवाल

“दिल्ली की आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार द्वारा पुजारियों और ग्रंथियों को 18,000 रुपये मासिक मानदेय देने की घोषणा पर भाजपा ने सवाल खड़े किए हैं। भाजपा नेताओं ने इसे चुनावी वादे के रूप में करार देते हुए कहा कि यह घोषणा धार्मिक भावनाओं का राजनीतिक लाभ उठाने का प्रयास है।”

केजरीवाल सरकार की घोषणा

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने हाल ही में पुजारियों और ग्रंथियों को हर महीने 18,000 रुपये का मानदेय देने की घोषणा की थी। उन्होंने कहा कि सरकार का यह कदम धार्मिक सेवकों को सम्मान देने और उनकी आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए है।

भाजपा का आरोप

भाजपा नेताओं ने इस घोषणा को लेकर सवाल उठाए हैं। भाजपा के प्रवक्ता ने कहा, “केजरीवाल सरकार का यह कदम केवल चुनावी एजेंडे का हिस्सा है। यदि वे वास्तव में धार्मिक सेवकों की परवाह करते हैं, तो यह योजना पहले ही लागू हो जानी चाहिए थी।”

धार्मिक संगठनों की प्रतिक्रिया

इस घोषणा पर धार्मिक संगठनों की मिली-जुली प्रतिक्रिया सामने आई है। कुछ संगठनों ने इस पहल की सराहना की है, जबकि अन्य ने इसे दिखावा बताया है। कुछ का कहना है कि यह निर्णय वास्तविक सहायता से अधिक राजनीतिक लाभ के लिए लिया गया है।

सरकार का बचाव

आम आदमी पार्टी ने भाजपा के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि यह योजना धर्म, जाति, और राजनीति से ऊपर उठकर बनाई गई है। आप नेताओं ने भाजपा पर आरोप लगाया कि वे धार्मिक सेवकों के लिए कुछ करने के बजाय केवल राजनीति कर रहे हैं।

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