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विकसित भारत 2047: बैंकिंग क्षेत्र का बढ़ता महत्व

“भारत को 2047 तक एक विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य में बैंकिंग क्षेत्र की भूमिका महत्वपूर्ण होगी। यह बात वित्त मंत्रालय के वित्तीय सेवा विभाग के सचिव एम. नागराजू ने भारतीय बैंक संघ (IBA) की 77वीं वार्षिक आम सभा में कही। मुंबई में आयोजित इस सभा में उन्होंने 200 से अधिक सदस्यों को संबोधित किया और बैंकिंग क्षेत्र में हो रहे सुधारों की सराहना की।”

बैंकिंग क्षेत्र की बढ़ती भूमिका

श्री नागराजू ने भारतीय बैंक संघ (IBA) की सक्रियता की प्रशंसा करते हुए कहा कि बैंकिंग क्षेत्र को अधिक उत्तरदायी और प्रभावी बनाने के लिए नियमित समीक्षा बैठकें की जा रही हैं। इससे अर्थव्यवस्था की बढ़ती जरूरतों को पूरा करने में मदद मिल रही है।

उन्होंने इस अवसर पर बैंकिंग सेक्टर के प्रमुख क्षेत्रों को चिन्हित किया जो भारत को विकसित अर्थव्यवस्था की ओर ले जाने में सहायक होंगे:

  • डिजिटल बैंकिंग – अधिक समावेशी और पारदर्शी वित्तीय सेवाएं।
  • क्रेडिट पहुंच – छोटे और मध्यम उद्यमों (MSME) को सरल ऋण सुविधा।
  • ग्रीन फाइनेंस – सतत विकास और पर्यावरण के अनुकूल वित्तीय योजनाएं।
  • वित्तीय समावेशन – ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों तक बैंकिंग सेवाओं का विस्तार।
  • नवाचार और टेक्नोलॉजी – आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और ब्लॉकचेन जैसी तकनीकों का उपयोग।

आगे का रास्ता

भारतीय बैंक संघ और सरकार मिलकर बैंकिंग प्रणाली को और मजबूत बनाने के लिए विभिन्न सुधारों पर काम कर रहे हैं। आगामी वर्षों में, डिजिटलीकरण, वित्तीय समावेशन और स्थायी विकास पर अधिक ध्यान दिया जाएगा, जिससे भारत 2047 तक एक वैश्विक आर्थिक शक्ति के रूप में उभर सके।

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