नई दिल्ली में एडीएमएम-प्लस की 14वीं बैठक: आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक रणनीति पर होगी चर्चा
“नई दिल्ली में 19 और 20 मार्च को आसियान देशों के रक्षा मंत्रियों की प्लस (एडीएमएम-प्लस) विशेषज्ञ कार्य समूह (ईडब्ल्यूजी) की 14वीं बैठक आयोजित की जाएगी। इस महत्वपूर्ण बैठक की सह-अध्यक्षता भारत और मलेशिया करेंगे।”
बैठक का मुख्य उद्देश्य
- आतंकवाद और उग्रवाद से निपटने के लिए ठोस रणनीति तैयार करना।
- आसियान देशों के रक्षा बलों और संवाद साझेदारों के अनुभवों को साझा करना।
- सुरक्षा और आतंकवाद-रोधी सहयोग को और मजबूत बनाना।
बैठक में भाग लेने वाले देश
इस बैठक में आसियान के 10 सदस्य देश – ब्रुनेई, कंबोडिया, इंडोनेशिया, लाओ पीडीआर, मलेशिया, म्यांमार, फिलीपींस, वियतनाम, सिंगापुर और थाईलैंड के प्रतिनिधिमंडल शामिल होंगे। इसके अलावा, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, कोरिया गणराज्य, जापान, चीन, अमेरिका और रूस जैसे आठ संवाद साझेदार और तिमोर लेस्ते और आसियान सचिवालय भी इस बैठक का हिस्सा बनेंगे।
भारत की प्रमुख भूमिका
भारत इस बैठक में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा, जहां रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह उद्घाटन समारोह में मुख्य भाषण देंगे। भारत आतंकवाद विरोधी अभियानों और रणनीतिक साझेदारी को लेकर अपनी विशेषज्ञता साझा करेगा।
बैठक का महत्व
- आतंकवाद और उग्रवाद के बढ़ते खतरों को रोकने के लिए एक मजबूत वैश्विक नीति बनाना।
- आसियान देशों और संवाद साझेदारों के बीच रक्षा और सुरक्षा सहयोग को बढ़ावा देना।
- साइबर आतंकवाद, कट्टरपंथ और सीमा पार अपराधों पर ठोस कार्रवाई के लिए नीतिगत ढांचा तैयार करना।
इस बैठक से आतंकवाद विरोधी अभियानों और वैश्विक सुरक्षा सहयोग को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।