ओडिशा विधानसभा में कांग्रेस विधायकों का निलंबन, महिला सुरक्षा पर उठाए सवाल
“ओडिशा विधानसभा में कांग्रेस के दो और विधायकों को कथित तौर पर अभद्र व्यवहार के कारण सात दिनों के लिए निलंबित कर दिया गया है। तारा प्रसाद बहिनीपति और रमेश चंद्र जेना, दोनों विधायक सदन में अध्यक्ष के आसन के पास धरने पर बैठे थे। इन विधायकों ने महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अत्याचारों पर ध्यान आकर्षित करते हुए एक समिति गठित करने और महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की थी।”
कांग्रेस विधायकों का कहना है कि उन्होंने यह कदम महिलाओं के खिलाफ हिंसा और उत्पीड़न के बढ़ते मामलों के विरोध में उठाया। हालांकि, निलंबन के बाद अब ओडिशा विधानसभा में सभी 14 कांग्रेसी विधायक अगले सात दिनों के लिए सदन से निलंबित हो गए हैं।
बीजू जनता दल और कांग्रेस के बीच बढ़ी तनातनी
इस मामले में ओडिशा विधानसभा के अध्यक्ष ने पहले ही 12 कांग्रेस विधायकों को सात दिनों के लिए निलंबित कर दिया था। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि निलंबन के दौरान सुरक्षाकर्मियों ने उनके साथ मारपीट की और उनके व्यक्तिगत सामान भी छीन लिए। इस दौरान कुछ विधायकों को चोटें भी आईं।
मुख्य विपक्षी दल बीजू जनता दल (BJD) ने इस फैसले की कड़ी आलोचना की है, और इसे लोकतंत्र और विधानसभा की गरिमा के खिलाफ बताया है।
महिलाओं के खिलाफ अत्याचारों के बढ़ते मामलों पर उठे सवाल
कांग्रेस विधायकों के प्रदर्शन का मुख्य उद्देश्य ओडिशा में महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अत्याचारों की ओर सरकार का ध्यान आकर्षित करना था। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि महिलाओं के खिलाफ हिंसा की बढ़ती घटनाओं को रोकने के लिए जरूरी कदम उठाए जाने चाहिए।