इज़राइल-गज़ा संघर्ष: सैन्य अभियान तेज, सैकड़ों की मौत
“इज़राइल ने गज़ा में अपने सैन्य अभियान का विस्तार करते हुए एक बड़ा हवाई हमला किया, जिसमें कम से कम 400 फलस्तीनियों की जान चली गई। यह हमला अब तक के सबसे घातक हमलों में से एक बताया जा रहा है। अगले ही दिन, इज़राइली सेना ने गज़ा के मध्य और दक्षिणी क्षेत्रों में जमीनी अभियान शुरू किया।”
इज़राइली सेना ने बताया कि यह अभियान सुरक्षा परिधि के विस्तार और उत्तर एवं दक्षिण के बीच आंशिक बफर ज़ोन बनाने के लिए किया जा रहा है। यह कदम हमास के साथ जनवरी में हुए युद्धविराम के टूटने के बाद उठाया गया है। स्थानीय स्वास्थ्य अधिकारियों के मुताबिक, हालिया हमलों में 38 और फलस्तीनी मारे गए हैं।
नेतन्याहू का सख्त रुख
इज़राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने टेलीविज़न पर घोषणा करते हुए कहा कि अब किसी भी तरह की वार्ता केवल सैन्य कार्रवाई के दौरान ही संभव होगी। उनका मानना है कि बंधकों की रिहाई के लिए सैन्य दबाव बनाए रखना ज़रूरी है।
अमेरिका के साथ समन्वय
व्हाइट हाउस ने पुष्टि की कि इज़राइल ने हमले से पहले अमेरिका से परामर्श किया था। इज़राइली अधिकारियों का कहना है कि अमेरिका के साथ समन्वय स्थापित करने के बाद ही इस हमले को अंजाम दिया गया। अमेरिकी विदेश विभाग ने जानकारी दी कि यह प्रस्ताव अमेरिकी नागरिक एडन अलेक्जेंडर समेत पाँच जीवित बंधकों और इज़राइली जेलों में बंद बड़ी संख्या में फलस्तीनियों की रिहाई सुनिश्चित करेगा।
स्थिति गंभीर, गज़ा में संकट गहराया
- घातक हमले: अब तक के सबसे विनाशकारी हवाई हमलों में 400+ लोगों की मौत।
- जमीनी अभियान: मध्य और दक्षिणी गज़ा में सैन्य गतिविधियाँ बढ़ी।
- बंदी संकट: इज़राइल सैन्य दबाव के जरिए बंधकों की रिहाई चाहता है।
- अमेरिकी भूमिका: हमले से पहले अमेरिका से परामर्श किया गया।
- बंद मार्ग: इज़राइली सेना ने सलाह अल-दीन स्ट्रीट को बंद कर दिया।
गज़ा में बिगड़ती स्थिति से मानवीय संकट और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। अंतर्राष्ट्रीय समुदाय की निगाहें इस युद्ध के अगले कदम पर टिकी हैं।