NationalPoliticsSocial

राज्यसभा में विपक्ष का हंगामा, परिसीमन मुद्दे पर वाकआउट

“राज्यसभा की कार्यवाही आज सुबह शुरू होते ही विपक्षी दलों ने दक्षिणी राज्यों में परिसीमन और कथित डुप्लिकेट मतदाता पहचान संख्‍या के मुद्दों को उठाने की कोशिश की। हालांकि, उपसभापति हरिवंश ने विपक्षी सदस्यों के स्थगन नोटिस को अनुमति नहीं दी, जिससे सदन में हंगामा शुरू हो गया।”

कांग्रेस, टीएमसी, डीएमके और समाजवादी पार्टी सहित कई विपक्षी दलों के सदस्यों ने नारेबाजी की और सदन की कार्यवाही बाधित करने का प्रयास किया। उपसभापति ने सभी सदस्यों से अपनी सीटों पर लौटने और कार्यवाही सुचारू रूप से चलने देने की अपील की, लेकिन विपक्ष ने इस पर ध्यान नहीं दिया और अंततः सदन से वाकआउट कर दिया।

सरकार ने विपक्ष पर साधा निशाना

सदन के नेता जेपी नड्डा ने विपक्षी दलों के वाकआउट पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने कहा कि सरकार किसी भी मुद्दे पर बहस के लिए तैयार है, लेकिन विपक्ष केवल सदन को बाधित करने और उसकी गरिमा को ठेस पहुंचाने की कोशिश कर रहा है।

जेपी नड्डा ने विपक्ष पर आरोप लगाया कि वह स्थगन नोटिसों का दुरुपयोग करके सदन की कार्यवाही को बाधित कर रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि विपक्षी सांसदों को संसदीय नियमों और प्रक्रियाओं की बेहतर समझ के लिए ‘रिफ्रेशर कोर्स’ करने की जरूरत है

महत्वपूर्ण मुद्दों पर बहस की मांग

संसद के एजेंडे में कई महत्वपूर्ण मुद्दे सूचीबद्ध थे, जिन पर चर्चा होनी थी। लेकिन विपक्ष के वाकआउट के कारण कई अहम विषयों पर चर्चा नहीं हो सकी। सरकार का कहना है कि सदन एक महत्वपूर्ण लोकतांत्रिक मंच है, और इसे बाधित करने के बजाय बहस और संवाद को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।

यह वाकआउट विपक्ष और सरकार के बीच तीखी खींचतान का एक और उदाहरण है, जिससे संसद में बार-बार गतिरोध की स्थिति बन रही है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि आने वाले दिनों में दोनों पक्ष इस मुद्दे पर कैसे प्रतिक्रिया देते हैं।

Spread the love