राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु: शिक्षा प्रणाली में बदलाव से रोजगार और नवाचार को मिलेगा बढ़ावा
“राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कहा कि समय की मांग के अनुसार शिक्षा प्रणाली में महत्वपूर्ण परिवर्तन के लिए राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 लागू की गई है। उन्होंने हरियाणा के हिसार स्थित गुरु जम्भेश्वर विज्ञान और प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए विश्वास जताया कि यह नीति छात्रों में मौलिक सोच और रचनात्मकता को बढ़ावा देगी।”
NEP 2020 से शिक्षा प्रणाली में बड़े बदलाव
राष्ट्रपति मुर्मु ने इस अवसर पर कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 का उद्देश्य केवल डिग्री प्रदान करना नहीं, बल्कि छात्रों को नवाचार, कौशल विकास और रोजगार योग्य बनाना है। इस नीति के तहत छात्रों को बहुआयामी शिक्षा दी जाएगी, जिससे वे विभिन्न क्षेत्रों में बेहतर करियर बना सकें।
महिलाओं की बढ़ती भूमिका
राष्ट्रपति ने इस बात पर प्रसन्नता व्यक्त की कि पीएचडी उपाधि प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों में 60% से अधिक छात्राएं थीं। उन्होंने इसे देश के विकास में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी का सकारात्मक संकेत बताया और कहा कि शिक्षा में महिलाओं की मजबूत उपस्थिति सामाजिक और आर्थिक प्रगति के लिए उत्साहजनक है।
गुरु जम्भेश्वर जी का योगदान
राष्ट्रपति ने गुरु जम्भेश्वर जी को एक महान संत, दार्शनिक और पर्यावरण प्रेमी बताते हुए कहा कि उनके विचार आज भी प्रासंगिक हैं। उन्होंने उपाधि और पदक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के मुख्य लाभ
- छात्रों की रचनात्मकता और नवाचार को प्रोत्साहन
- कौशल विकास पर विशेष जोर
- रोजगार के बेहतर अवसर
- बहु-विषयक शिक्षा प्रणाली
- महिलाओं की बढ़ती भागीदारी
राष्ट्रपति ने आशा जताई कि इस नई शिक्षा नीति के माध्यम से भारत एक ज्ञान-संपन्न और आत्मनिर्भर देश बनने की ओर अग्रसर होगा।
