खालिदा जिया को मिली राहत: सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के फैसले को बरकरार रखा
“ढाका: बांग्लादेश सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को एक महत्वपूर्ण फैसले में हाईकोर्ट के उस आदेश को बरकरार रखा, जिसमें बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) की अध्यक्ष और पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया को रिहा करने का निर्णय दिया गया था। साथ ही, जिया चैरिटेबल ट्रस्ट भ्रष्टाचार मामले में उनकी सात वर्ष की जेल की सजा को रद्द कर दिया गया था।”
तीन सदस्यीय पीठ ने दिया आदेश
सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ न्यायाधीश एम. डी. अश्फाकुल इस्लाम की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय न्यायाधिकरण ने इस आदेश को पारित किया। यह फैसला खालिदा जिया और बीएनपी के समर्थकों के लिए बड़ी जीत मानी जा रही है।
अभियोजन पक्ष की अपील हुई खारिज
इससे पहले 23 फरवरी को अभियोजन पक्ष और भ्रष्टाचार निरोधक आयोग ने हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती देते हुए अलग-अलग याचिकाएं दायर की थीं, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने इन याचिकाओं को खारिज कर दिया।
पिछले साल हाईकोर्ट ने दिया था राहत का फैसला
27 नवंबर 2023 को हाईकोर्ट ने बीएनपी प्रमुख खालिदा जिया और जिया चैरिटेबल ट्रस्ट मामले में अन्य दो आरोपियों को भी रिहा करने का आदेश दिया था। यूनाइटेड न्यूज ऑफ बांग्लादेश के अनुसार, हाईकोर्ट ने इस मामले में निचली अदालत द्वारा दी गई सजा को भी रद्द कर दिया।
भ्रष्टाचार मामले का इतिहास
खालिदा जिया पर जिया चैरिटेबल ट्रस्ट से जुड़े भ्रष्टाचार के आरोप लगे थे, जिसके चलते उन्हें सात साल की जेल की सजा सुनाई गई थी। हालांकि, हाईकोर्ट ने साक्ष्यों और तर्कों के आधार पर उनकी सजा को रद्द कर दिया था, जिसे सुप्रीम कोर्ट ने अब बरकरार रखा है।
राजनीतिक हलकों में हलचल
बांग्लादेश में इस फैसले को राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। बीएनपी समर्थकों ने इसे न्याय की जीत बताया है, जबकि सरकार समर्थकों ने इस पर मिश्रित प्रतिक्रियाएं दी हैं।
