CBI ने गेनबिटकॉइन क्रिप्टो करेंसी घोटाले में 60 से अधिक स्थानों पर की छापेमारी
“केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने गेनबिटकॉइन क्रिप्टो करेंसी घोटाले के सिलसिले में देशभर में 60 से अधिक स्थानों पर छापेमारी की। इस कार्रवाई का उद्देश्य इस बड़े घोटाले से जुड़े डिजिटल सबूतों और वित्तीय लेन-देन की जांच करना है।”
CBI की छापेमारी के मुख्य बिंदु:
- घोटाले से जुड़े संदिग्धों और कंपनियों पर शिकंजा
- डिजिटल साक्ष्यों, बैंक रिकॉर्ड्स और ब्लॉकचेन लेन-देन की जांच
- देशभर के प्रमुख शहरों में तलाशी अभियान
क्या है गेनबिटकॉइन क्रिप्टो करेंसी घोटाला?
- गेनबिटकॉइन (GainBitcoin) एक बहु-स्तरीय मार्केटिंग (MLM) आधारित पोंजी स्कीम थी, जिसने निवेशकों से बिटकॉइन में बड़ा निवेश करवाया।
- उच्च रिटर्न का लालच देकर हजारों लोगों को ठगा गया।
- घोटाले में शामिल लोग नकली डिजिटल वॉलेट्स और पेमेंट गेटवे का उपयोग करके फंड ट्रांसफर कर रहे थे।
छापेमारी किन शहरों में हुई?
CBI ने दिल्ली, मुंबई, पुणे, बेंगलुरु, हैदराबाद, चेन्नई और अन्य बड़े शहरों में छापेमारी की है। कई डिजिटल सबूत जब्त किए गए हैं और संदिग्धों से पूछताछ जारी है।
CBI की कार्रवाई का असर
- घोटालेबाजों पर शिकंजा कसने की प्रक्रिया तेज
- क्रिप्टो करेंसी से जुड़े धोखाधड़ी मामलों पर सख्ती बढ़ी
- डिजिटल एसेट्स और ब्लॉकचेन आधारित वित्तीय अपराधों की जांच तेज