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जाट, बनिया, पंजाबी या पूर्वांचली… कौन होगा दिल्ली का अगला मुख्यमंत्री? जानिए हर सवाल का जवाब

नई दिल्ली: दिल्ली की राजनीति में इन दिनों सबसे बड़ा सवाल यही है – दिल्ली का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा? क्या अरविंद केजरीवाल के बाद किसी नए चेहरे को मौका मिलेगा? या फिर कोई बड़ा राजनीतिक उलटफेर देखने को मिलेगा? राजधानी की सियासत में जातिगत समीकरणों का बड़ा असर रहता है, ऐसे में जाट, बनिया, पंजाबी और पूर्वांचली समुदायों के नेताओं पर नजरें टिकी हुई हैं।

दिल्ली की सियासत में जातिगत समीकरण

दिल्ली में पंजाबी, बनिया, जाट और पूर्वांचली समुदाय की मजबूत पकड़ है। आइए जानते हैं कि अगला सीएम कौन हो सकता है:

🟢 जाट समुदाय

  • दिल्ली की आबादी में जाटों की अच्छी-खासी हिस्सेदारी है।
  • ग्रामीण इलाकों और बाहरी दिल्ली में इनका दबदबा रहता है।
  • आप और बीजेपी दोनों के पास जाट नेताओं की लंबी लिस्ट है।

🟠 बनिया समुदाय

  • व्यापारिक वर्ग से आने वाला बनिया समुदाय पारंपरिक रूप से बीजेपी का कोर वोटर माना जाता है।
  • अरविंद केजरीवाल भी बनिया समुदाय से आते हैं, जिससे यह वर्ग आप का समर्थन भी करता है।
  • अगर बीजेपी जीतती है, तो सीएम पद के लिए बनिया चेहरे पर दांव खेला जा सकता है।

🔵 पंजाबी समुदाय

  • दिल्ली की सियासत में पंजाबी समुदाय का हमेशा से प्रभाव रहा है।
  • शीला दीक्षित के बाद पंजाबी सीएम नहीं बना, लेकिन यह समुदाय हमेशा चुनावी समीकरणों में महत्वपूर्ण रहा है।
  • बीजेपी और कांग्रेस, दोनों के पास मजबूत पंजाबी चेहरे हैं।

🟣 पूर्वांचली समुदाय

  • बिहार और पूर्वी यूपी से आए लोगों की दिल्ली में संख्या तेजी से बढ़ी है।
  • यह समुदाय दिल्ली चुनाव में बड़ा गेमचेंजर साबित हो सकता है।
  • आप, बीजेपी और कांग्रेस, तीनों ही पार्टियां इस वोट बैंक को साधने की कोशिश में हैं।

अब तक दिल्ली के मुख्यमंत्री कौन-कौन रहे?

  • चौधरी ब्रह्म प्रकाश (1952-1955) – जाट
  • मदन लाल खुराना (1993-1996) – पंजाबी
  • साहिब सिंह वर्मा (1996-1998) – जाट
  • शीला दीक्षित (1998-2013) – पंजाबी
  • अरविंद केजरीवाल (2013-2014, 2015-वर्तमान) – बनिया

तो दिल्ली का अगला सीएम कौन होगा?

अगर आम आदमी पार्टी सत्ता में रहती है, तो अरविंद केजरीवाल के विकल्प के रूप में पंजाबी या पूर्वांचली नेता को मौका मिल सकता है।
अगर बीजेपी को मौका मिलता है, तो बनिया या पंजाबी चेहरे को आगे लाया जा सकता है।
कांग्रेस की वापसी हुई, तो पंजाबी या जाट समुदाय से किसी नेता का नाम आ सकता है।

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