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भारतीय और स्कॉटिश सांसदों को एआई के उपयोग में अनुभव साझा कर सीखने की जरूरत: ओम बिरला

“लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि भारतीय और स्कॉटिश सांसदों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के उपयोग में अपने अनुभव साझा कर एक-दूसरे से सीखने की जरूरत है। उन्होंने यह बात स्कॉटलैंड की संसद के अधिकारियों के साथ एक बैठक के दौरान कही।”

ओम बिरला ने कहा कि एआई का सही उपयोग संसद की कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी और पारदर्शी बना सकता है। इसके अलावा, एआई का उपयोग डेटा प्रबंधन, नीतिगत विश्लेषण, और सार्वजनिक सेवाओं को बेहतर बनाने में भी किया जा सकता है।

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का उपयोग संसदों की कार्यक्षमता को बेहतर बनाने के लिए किया जा सकता है।

  • एआई के जरिए डेटा विश्लेषण में तेजी लाई जा सकती है।
  • एआई की मदद से विधायी प्रक्रियाओं को अधिक सटीक और प्रभावी बनाया जा सकता है।
  • यह सांसदों को नीतियों के प्रभाव का पूर्वानुमान लगाने में मदद कर सकता है।

ओम बिरला ने कहा कि दोनों देशों की संसदों को अपने एआई प्रयोग के अनुभव साझा करने चाहिए ताकि वे बेहतर विधायी प्रक्रियाओं को लागू कर सकें।

भारतीय संसद में एआई का उपयोग:

भारत में संसद को डिजिटल रूप से मजबूत बनाने के लिए कई पहल की गई हैं।

  • संसद में डिजिटल डेटा प्रबंधन के लिए ई-संसद प्लेटफॉर्म शुरू किया गया है।
  • एआई के उपयोग से विधायी प्रक्रिया, प्रश्नोत्तर सत्र, और डेटा विश्लेषण को बेहतर बनाया जा रहा है।

हालांकि, एआई का व्यापक उपयोग अभी भी जारी है और इसके लिए और प्रशिक्षण और तकनीकी सुधारों की जरूरत है।

स्कॉटिश संसद में एआई का उपयोग:

स्कॉटिश संसद ने भी डिजिटल तकनीकों और एआई को अपने दैनिक कार्यों में लागू करने की दिशा में कदम उठाए हैं।

  • वहां एआई का उपयोग विधायी दस्तावेजों के प्रबंधन और डेटा सुरक्षा के लिए किया जा रहा है।
  • स्कॉटिश संसद ने सार्वजनिक सेवाओं में भी एआई तकनीकों का उपयोग करना शुरू किया है।

एआई से होने वाले संभावित फायदे:

क्षेत्रएआई से होने वाले फायदे
विधायी प्रक्रियाविधेयकों का विश्लेषण और प्रभाव की समीक्षा।
डेटा प्रबंधनबड़ी मात्रा में डेटा को तेज और सटीक तरीके से संभालना।
सार्वजनिक सेवाएंजनता से जुड़े मुद्दों पर त्वरित समाधान।
पारदर्शितासंसद की कार्यप्रणाली को अधिक पारदर्शी बनाना।

ओम बिरला का बयान:

ओम बिरला ने कहा: “आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का उपयोग संसद की कार्यक्षमता को बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण है। भारतीय और स्कॉटिश संसदों को एक-दूसरे के अनुभवों से सीखने की जरूरत है ताकि दोनों देशों की लोकतांत्रिक प्रक्रियाएं अधिक प्रभावी बन सकें।”


भविष्य की योजनाएं:

  • भारतीय संसद में डिजिटल और एआई तकनीकों का उपयोग बढ़ाया जाएगा।
  • एआई आधारित सिस्टम से डेटा सुरक्षा और प्रबंधन को और मजबूत किया जाएगा।
  • स्कॉटलैंड और भारत के बीच तकनीकी साझेदारी को बढ़ावा दिया जाएगा।

निष्कर्ष:

एआई तकनीक का उपयोग संसदों को आधुनिक, प्रभावी और पारदर्शी बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला का सुझाव है कि भारतीय और स्कॉटिश संसद को अपने एआई प्रयोगों के अनुभव साझा कर बेहतर नीतियां बनाने और जनता के लिए सार्वजनिक सेवाओं में सुधार लाने की दिशा में काम करना चाहिए।

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