असम सरकार ने क्षमता निर्माण आयोग और कर्मयोगी भारत के साथ एक त्रिपक्षीय समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए
असम सरकार ने गुवाहाटी में क्षमता निर्माण आयोग (Capacity Building Commission) और कर्मयोगी भारत (Karmayogi Bharat) के साथ एक त्रिपक्षीय समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए। इस समझौते का उद्देश्य असम राज्य के सरकारी कर्मचारियों की दक्षता, क्षमता और प्रदर्शन को बढ़ाने के लिए एक व्यापक प्रशिक्षण और विकास कार्यक्रम लागू करना है।
इस समझौता ज्ञापन के तहत, असम सरकार और केंद्र सरकार के विभिन्न प्रशिक्षण संस्थान मिलकर राज्य के सरकारी अधिकारियों के लिए समग्र क्षमता निर्माण कार्यक्रम चलाएंगे। यह कार्यक्रम कर्मयोगी भारत की राष्ट्रीय स्तर पर चल रही पहल के तहत होगा, जिसका उद्देश्य सरकारी कर्मचारियों के कार्यक्षेत्र में सुधार लाना और उन्हें अधिक पारदर्शी, उत्तरदायी, और प्रभावी बनाना है।
मुख्य उद्देश्य:
- प्रशासनिक दक्षता: सरकारी कर्मचारियों की कार्यकुशलता को बढ़ाने के लिए विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा।
- आधुनिक कार्यशैली: कर्मचारियों को नई तकनीकों, प्रौद्योगिकी, और स्मार्ट प्रशासनिक प्रथाओं से अवगत कराना।
- नैतिक और जवाबदेही: सरकारी कर्मचारियों को प्रभावी, जवाबदेह और नागरिकों के प्रति प्रतिबद्ध बनाने के लिए नैतिकता और शासन की सर्वोत्तम प्रथाओं पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।
- समाज के प्रति उत्तरदायित्व: यह समझौता सरकारी सेवा के प्रबंधन और वितरण में सुधार लाने की दिशा में एक कदम होगा, जिससे अंतिम व्यक्ति तक लाभ पहुंचाने में मदद मिलेगी।
यह पहल असम राज्य के प्रशासनिक सुधारों और सरकारी कर्मचारियों की कार्यकुशलता में सुधार करने के लिए महत्वपूर्ण है। साथ ही, इससे राज्य में गुणवत्तापूर्ण प्रशासन और सार्वजनिक सेवाओं की दक्षता में सुधार होने की उम्मीद है।
