सितंबर 2024 में भारत का औद्योगिक उत्पादन (आईआईपी) 3.1 प्रतिशत बढ़ा
सितंबर 2024 में भारत का औद्योगिक उत्पादन (आईआईपी) 3.1 प्रतिशत बढ़ा, जो पिछले साल की समान अवधि की तुलना में सकारात्मक वृद्धि का संकेत है। यह आंकड़ा भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूत रफ्तार को दर्शाता है, खासकर उन क्षेत्रों में जहां आर्थिक गतिविधि में तेज़ी देखी गई।
भारतीय सांख्यिकी कार्यालय (MOSPI) द्वारा जारी किए गए डेटा के अनुसार, इस वृद्धि में कई प्रमुख क्षेत्र जैसे विनिर्माण, खनन और बिजली उत्पादन शामिल हैं। हालांकि, यह आंकड़ा बाजार की अपेक्षाओं से थोड़ा कम था, लेकिन फिर भी यह भारतीय औद्योगिक क्षेत्र में एक स्वस्थ विकास को दर्शाता है।
विशेष रूप से, विनिर्माण क्षेत्र में 3.3 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई, जो कि कुल औद्योगिक उत्पादन में प्रमुख योगदानकर्ता है। वहीं, खनन क्षेत्र में भी 4.6 प्रतिशत की वृद्धि देखने को मिली, जबकि बिजली उत्पादन में 2.5 प्रतिशत की बढ़त आई।
इस वृद्धि के पीछे का प्रमुख कारण मजबूत आंतरिक मांग, औद्योगिक उत्पादन में सुधार और सरकारी उपायों को बताया जा रहा है, जो अर्थव्यवस्था को पुनः गति देने में सहायक साबित हो रहे हैं। हालांकि, वस्तु और सेवा कर (GST) संग्रह और बेरोजगारी जैसे चुनौतियां अब भी बनी हुई हैं, लेकिन इस वृद्धि के बावजूद भारतीय औद्योगिक क्षेत्र में सुधार की उम्मीद जताई जा रही है।
सितंबर में आए इस सकारात्मक आंकड़े से भारत की अर्थव्यवस्था के विकास की दिशा को बल मिला है, और यह संकेत है कि आने वाले महीनों में उद्योग क्षेत्र में और अधिक प्रगति हो सकती है।
