भारतीय नौसेना तटीय रक्षा अभ्यास ‘सी-विजिल-24’ का आयोजित करेगी
भारतीय नौसेना द्वारा 21 से 22 नवम्बर तक आयोजित किए जा रहे तटीय रक्षा अभ्यास ‘सी-विजिल-24’ का चौथा संस्करण भारतीय तटीय सुरक्षा के लिहाज से एक महत्वपूर्ण कदम है। यह दो दिवसीय अभ्यास भारतीय तटीय सुरक्षा ढांचे की मजबूती को सुनिश्चित करने के लिए आयोजित किया जा रहा है, जिसमें नौसेना के साथ-साथ भारतीय सेना और वायु सेना भी भाग लेंगी।
इस बार यह अभ्यास भौगोलिक दृष्टिकोण से व्यापक होगा और इसमें छह मंत्रालयों, 21 संगठनों और एजेंसियों की भागीदारी सुनिश्चित की गई है। इसमें शामिल होने वाले संगठन तटीय सुरक्षा से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण क्षेत्रों में काम करेंगे, जैसे कि बंदरगाहों, तेल रिगों, सिंगल-पॉइंट मूरिंग्स, केबल लैंडिंग पॉइंट्स और तटीय आबादी की सुरक्षा।
‘सी-विजिल’ अभ्यास का उद्देश्य तटीय बुनियादी ढांचे की सुरक्षा को मजबूत करना और संभावित समुद्री खतरों से निपटने के लिए समन्वित प्रयासों को बढ़ावा देना है। यह अभ्यास तटीय सुरक्षा को बेहतर बनाने के लिए केंद्र सरकार और राज्यों के बीच तालमेल को सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
इस अभ्यास का आरंभ 2018 में हुआ था, तब से यह प्रत्येक वर्ष आयोजित होता रहा है और इसने भारतीय तटीय सुरक्षा प्रणालियों को कई महत्वपूर्ण दृष्टिकोणों से मजबूत किया है। इस प्रकार के अभ्यासों से भारतीय सेना, नौसेना, और वायु सेना के बीच आपसी समन्वय में वृद्धि होती है, साथ ही तटीय क्षेत्रों में खतरों से निपटने की तत्परता भी बढ़ती है।
